Thursday, May 31, 2012

प्रेस के पहचान-पत्र मात्र 1500 से 2000 रूपये में


इक तरफ जहा जब पुरे भारत में महंगाई को लेकर आग लायी हुयी थी तो एकाएक पता चल की भ्रष्टाचार को रोकने में काफी  हद तक हमारे देश की मीडिया ने कही न कही अक्सर साथ निभाया है... उसी मीडिया को कलंकित करने वाली एक बात, भारत की राजधानी दिल्ली में छपने वाली एक अखबार द्वारा लुधियाना में प्रेस (मीडिया) के पहचान-पत्र मात्र 1500 से 2000 रूपये में बेचने का मामला सामने आया है ....

                  मीडिया जिसे अक्सर आम जनता की आवाज, सहयोगी माना गया है.. जो देश में होने वाली सभी छोटी बड़ी घटनाओ को अक्सर लोगो तक  पहुचाती है. जिस मीडिया का अक्सर लोगो के प्रति सहयोगी होने के कारण हर जगह सत्कार किया जाता है.. 31 मई 2012 फिर से किसी ने इसके  दामन को कलंकित करने की कोशिश की..
                 बात उस वक़्त की है जब 31 मई 2012 महंगाई से लड़ने के लिए जनता द्वारा पुरे भारत को बंद रखा गया था. और दोपहर के समय मै लुधियाना के बाजारों का माहोल देखने  के लिए अपने दफ्तर से निकला था तो तभी मेरे मोबाईल की घंटी घन-घनाई.. यह फ़ोन मेरे  एक मित्र  का था, जिसने मुझे बताया  की लुधियाना  रेलवे स्टेशन के सामने एक होटल  में दिल्ली की एक साप्ताहिक  अखबार प्रेस का पहचान पत्र बिना  किसी योग्यता  के बना रही  है... तो मुझे दाल  में कुछ काला नज़र आया.. मै भी उस  होटल  में आम नागरिक बन कर  आवेदन भरने चला गया. वहा जा कर देखा  की होटल के एक 12*15 वर्ग गज  के एक कमरे  में 4 युवतिया 20-25 लोगो की मंडी लगा कर प्रेस का पहचान पत्र बनाने  की बात कर रही  थी.. उनके अखबार द्वारा  अलग-अलग  रैंक  के लिए  अलग-अलग  राशि रखी गयी थी..  जिसकी शुरुआत  मात्र 1500 रूपये से थी.. वहा  से कुछ दस्तावेज एकत्र करके  मै बाहर  आया और मैंने  इस बात की जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन  (कोतवाली डिविजन नंबर- 1 ) में दी ... जहा से थाना प्रभारी  द्वारा एक टीम मेरे  साथ होटल के उस कमरे में भेजी गयी ..  वहा पुलिस को देख वहा बैठे सभी लोग एक दम से हक्के बक्के रह गये . मौके पर छानबीन कर  सभी लोगो को पुलिस द्वारा पुलिस स्टेशन ले जाया गया . .. और मौके पर पकडे गये  सभी लोगो को पूछ ताछ करके उनका पता लिख कर फिलहाल मामले की पूरी छानबीन करने के  लिए उन्हें छोड़ दिया गया. .. पुलिस द्वारा इस  मामले की  छानबीन शुरू कर दी गयी है  है..
                अब देखना यह  है की पुलिस द्वारा प्रेस (मीडिया) शब्द  के हो रहे गलत इस्तेमाल  को किस तरह  से रोका जायेगा .. क्या पुलिस उन लोगो के खिलाफ सही छानबीन कर इस  मामले  को पूरी सच्चाई  के साथ सामने लाएगी ... क्या  हमारे समस्त पत्रकार , और मीडिया से जुड़े  सभी लोग मीडिया शब्द को कलंकित करने वाली इस घटना  को रोकेंगे .???

>>>>अमरदीप सिंह <<<<